१० वी/ १२वी के बाद किसी भी कॉलेज में दाखिला लेने से पहले ये जानिए !


हर साल पास होने वाले १५ लाख अभियांत्रिकी छात्रों में से केवल ७% छात्रों को रोजगार मिलने संभावना रेहती है |

ऐसा क्यों ? डिमांड से ज़्यादा सप्लाई इसका प्रमुख कारण है | कंपनी अलग अलग उमीदवारों को कैसे परखती है ? किसी उमीदवार को काम का अनुभव है, इसका मतलब उसे काम की अधिक जानकारी है और कंपनी को संबंधित कर्मचारी के लिए अधिक संसाधने खर्च करने की जरुरत नहीं | काम का अनुभव होने वाला कर्मचारी अपने पहले ही दिन से कंपनी के लिए लाभदायक ठरता है |

फिर एक स्नातक काम का अनुभव और व्यवहारिक ज्ञान इन का उचित गठबंधन कैसे करे ?
विद्यार्थियों को व्यवहारिक ज्ञान हासिल करने का एकदम सरल मार्ग है इंटर्नशिप का ! इंटर्नशिप के जरिये विद्यार्थी अपने किताबी ज्ञान का उपयोग अपने दैनिक जीवन में कर सकते है | बड़ी बड़ी कंपनी विद्यार्थिओं को इंटर्नशिप प्रदान करती हैं, क्योंकि विद्यार्थिओं को एक कर्मचारी जितना वेतन देने की आवश्यकता नहीं होती और कंपनी को जितनी जरुरत है उतने ही कालावधि में इंटर्नशिप समाप्त की जा सकती है | और छात्रों को इंटर्नशिप के जरिये उनके संलग्न क्षेत्र का अनुभव प्राप्त करना आसान हो जाता है |

इंटर्नशिप के लिए कैसे अप्लाई कर सकते है ?
विद्यार्थी अपने कॉलेज के ट्रेनिंग और प्लेसमेंट ऑफिस के मदत से अप्लाई कर सकते है | आज-कल internshala, letsintern जैसे वेबसाइट के जरिये छात्र घर बैठे इंटर्नशिप के लिए अपनी अर्जी दाखल कर सकते है | कॉलेज में सीखते समय विद्यार्थी २ टर्म (semester) के दौरान इंटर्नशिप कर सकते हैं | अगर छुट्टी का अवधि १-२ महीने भी होगा तो छात्र ३ साल की शिक्षात्मक कालावधि में ६ महीने का अनुभव आराम से प्राप्त कर सकता है |

लेकिन, ३ साल के पदवी में, कुल २ साल काम का अनुभव और इंटर्नशिप में कम से कम ५ हजार वेतन, ऐसा कभी पहले कहीं देखा हैं ? क्या ये मुमकिन भी है ? हां, छात्रों के लिए ये मुमकिन है, सिर्फ अल्फा-डिग्री (Aplha-Degree) में |

लेकिन अल्फा-डिग्री क्या होती हैं ?


मूलतः जर्मनी जैसे प्रगत देश से ये संकल्पना भारत में “रुस्तमजी अकॅडमी फॉर ग्लोबल करियर्स” (RAGC) ये संस्था ने प्रस्तावित की हैं | इस अभ्यासक्रम में, छात्र पहले ६ महीने किताबी ज्ञान संपादित कर सकते हैं और बाकी के ६ महीने वह इंटर्नशिप पूरा कर सकते है | सप्ताह में से ४ दिन छात्र इंटर्न के रूप में काम करेंगे, २ दिन कॉलेज में उपस्थित रहेंगे और १ दिन आराम के लिए बाकी रहेगा | इंटर्नशिप के जरिये १८ साल और अधिक उम्र के छात्र प्रति महीने ५ हजार कमा सकते हैं, कुछ छात्रों को १५ हजार तक भी वेतन मिल सकता है | ऐसे विद्यार्थिओं को जल्द ही नौकरी मिल जाती हैं, क्योंकि इंटर्नशिप देने वाली कंपनी उनको परमानेंट कर्मचारी बना सकती हैं और कॉलेज कैंपस में आनेवाली कंपनी हमेशा काम का अनुभव रहने वाले विद्यार्थिओं को प्राधान्य देते हैं |

अल्फा-डिग्री एक कारण है कि RAGC को “भारत का नंबर १ व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान” से सम्मानित किया गया है | RAGC न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय डिग्री और ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग, कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, होटल प्रबंधन और व्यापार प्रबंधन में डिप्लोमा प्रदान करता है। किसी भी कॉलेज में प्रवेश लेने से पहले इस बारे में जरूर सोचें।

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